Govt. of Chhattisgarh Protected Monuments Centrally Protected Monuments/Sites Raipur Circle, Raipur Rock Art Sites in Chhattisgarh Megalithic Monuments in Chhattisgarh Chemical Conservation Gram Dharohar Samiti Excavation Survey
Importance What is Archive Preservation Conservation Records in CG
Raipur Museum Bilaspur Museum Jagdalpur Museum
2007 - 2008 2008 - 2009 2009 - 2010 2010 - 2011
11th Finance 12th Finance Grants Pensions Kalakar Kalyan Kosh
Sankalp Anupalan 1878 Act 1958 Act 1959 Act 1959 Rule 1964 M.P. Act 1970 M.P. Act 1972 M.P. Act 1973 M.P. Act Ministry of Education 1975 M.P. Act Rajbhasha Act Chhattisgarhi Rajbhasha Ayog
Rajnandgaon Korba Korea Kanker Sarguja Mahasamund Durg Raigarh Ambikapur Janjgir-Champa Raipur
Manual Effective Execution
Purkhouti Muktangan Multicultural complex Chhattisgarhi Rajbhasha Ayog Vivekanand Prabuddh Sansthan Padumlal Punnalal Bakshi Shrijanpeeth, Bhilai Chhattisgarhi Sindhi Sahitya Sansthan, Raipur Mahant Sarveshwardas Granthalay
ARCHAEOLOGY   ::   ARCHIVE   ::   MUSEUM   ::   PRATIVEDAN   ::   SCHEMES   ::   ACT   ::   PUBLICATION   ::   SAMMAN   ::   RIGHT TO INFORMATION   ::   TENDER

Content on this page requires a newer version of Adobe Flash Player.

Get Adobe Flash player

HOME  ::   JILA PURATATVA SANGH  ::   UNITS UNDER DEP.  ::   ARTIST REGISTRATION  ::   EVENTS  ::   PHOTO GALLERY  ::   CONTACT US  ::   GUESTBOOK
Other Links
Right to Information

संचालनालय, संस्कृति एवं पुरातत्व
रायपुर, छत्तीसगढ़


संचालनालय, संस्कृति एवं पुरातत्व रायपुर, छत्तीसगढ़
अनुक्रमणिका
क्रं विषय
1 संगठन की विशिष्टियॉं एवं कर्त्तव्य
2 अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियॉं एवं कर्तव्य
3 लोक प्राधिकरण
4 लोक सूचना अधिकारी
5 निर्देशिका (अधिकारी/कर्मचारी)
6 कृत्यों के निर्वहन के लिए स्थपित मानक/नियम
7 इलेक्ट्रानिक रूप में उपलब्ध सूचनाऍ
8 सूचना प्राप्त करने के लिए नागरिकों को सुविधाएं
9
  • विविध जानकारी
  • मं. घसीदास स्मा., रायपुर
  • जिला पुरातत्व संग्रहालय, जगदलपुर
  • जिला पुरातत्व संग्रहालय, बिलासपुर
  • महंत सर्वेश्वर दास सार्व. ग्रंथालय
  • राज्य संरक्षित स्मारकों की सूची
  • राज्य में केन्द्र संक्षित स्मारक
  • रसायन शाखा (2000-2005
  • प्राचीन कलाकृतियों की चोरी
  • अधिनियम 1972 के अंतर्गत रजिस्टर्ड पुरावशेष
10
  • अनुदान/राज सहायता कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की रीति
  • अशासकीय सांस्कृतिक संस्था सहायता
  • वित्तीय सहायक-पेंशन
    कलाकार कल्याण कोष
11 संस्थाओं/कलेक्टरों को अनुदान के क्रियान्वयन की रीति


संचालनालय, संस्कृति एवं पुरातत्व
रायपुर, छत्तीसगढ़

मेनुअल

संगठन की विशिष्टियॉं एवं कर्त्तव्य

2.1 लोक प्राधिकरण के उद्‌देश्य -
राज्य के संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के अंतर्गत पुरातत्व एवं संस्कृति के अतिरिक्त राजभाषा तथा अभिलेखागार सम्मिलित है। पुरातत्व आधारित क्रियाकलापों के अंतर्गत पुरातत्वीय स्मारकों का संरक्षण, संवर्द्धन, अनुरक्षण, उत्खनन-सर्वेक्षण, संग्रहालयों का विकास आदि गतिविधियों से संबंधित है। संस्कृति के अंतर्गत राज्य की पारंपरिक लोक कलाओं का प्रदर्शन, शिल्प कला के कार्यशालाओं का आयोजन, राष्ट्रीय स्तर पर तथा अन्य राज्यों मे कला आधारित कार्यक्रमों का प्रदर्शन तथा अन्य समसामयिक ललित कलाओं को प्रोत्साहित करना है। अभिलेखागार एवं राजभाषा के माध्यम से राज्य में दुर्लभ दस्तावेजों का अन्वेषण, उनका संग्रहण और उनके ऐतिहासिक मूल्यों का अध्ययन-विश्लेषण है। संस्कृति से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यक्रम तथा आयोजन वार्षिक केलेण्डर में निर्धारित है। उपर्युक्त कार्य तथा आयोजनों का उद्‌देश्य राज्य की संस्कृति का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार तथा संरक्षण प्रदान करना है।

2.2 लोक प्राधिकरण का मिशन/विजन-
छत्तीसगढ़ विपुल पुरा संपदा तथा ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध राज्य है। प्रागैतिहासिक काल से लेकर ऐतिहासिक काल तक के विभिन्न स्मारक स्थल, भग्नावशेष, मंदिर, बौद्ध-बिहार आदि यहॉं विद्यमान हैं। यहॉं से प्राप्त अभिलेख, ताम्रपत्र, सिक्के तथा ताम्रपत्रों से तत्कालीन कला संस्कृति के विभिन्न आयाम- धर्म, साहित्य, आर्थिक स्थिति, सामाजिक स्थिति आदि का अभिज्ञान होता है। भारतीय कला के इतिहास में छत्तीसगढ़ के स्थापत्य कला की विशिष्ट भूमिका रही है। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति में नृत्य, कला, संगीत, अभिनय, प्रहसन, चित्रकारी, शिल्पकृति आदि सम्मिलित हैं। इसी प्रकार दुर्लभ अभिलेखों के अन्वेषण तथा संग्रहण की ओर भी ध्यान केन्द्रित किया गया है।
संस्कृति विभाग अपने क्रियाकलापों के अंतर्गत सम्मिलित विधाओं के सहित राज्य के सांस्कृतिक संपदा तथा गरिमा को समग्र रूप से चिन्हांकन, अभिलेखीकरण, संरक्षण, संवर्द्धन तथा जनोन्मुखी करने की दिशा में प्रयासरत है।
2.3 लोक प्राधिकरण के संक्षिप्त इतिहास और इसके गठन का प्रसंग -
छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना 1 नवंबर 2000 को हुई है। राज्य के निर्माण के साथ संस्कृति तथा पुरातत्व विभाग की स्थापना हुई है। 1 नवंबर 2000 के पूर्व यह विभाग मध्यप्रदेश राज्य के पुरातत्व संग्रहालय एवं अभिलेखागार के अंतर्गत रहा है। वर्ष 1956 में मध्यप्रदेश राज्य के निर्माण के समय यह विभाग शिक्षा विभाग के अंतर्गत सम्मिलित रहा है। वर्ष 1970 के आसपास पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में आया। बाद में अभिलेखागार को पुरातत्व एवं संग्रहालय में सम्मिलित कर दिया जाकर 'पुरातत्व संग्रहालय एवं अभिलेखागार' नामकरण किया गया।
छत्तीसगढ़ में संस्कृति विभाग के अंतर्गत पुरातत्व, संस्कृति, राजभाषा एवं अभिलेखागार सम्मिलित है और संचालनालय संस्कृति एवं पुरातत्व के अंतर्गत कार्यरत है।

2.4 लोक प्राधिकरण के कर्तव्य -
संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के अंतर्गत 4 (चार) प्रभार कार्यरत है जिसके कार्य संधारण निम्नलिखित हैं -

  1. पुरातत्व एवं संग्रहालय -
    स्मारकों का संरक्षण, अनुरक्षण, रसायनिक संरक्षण, सर्वेक्षण, उत्खनन, छायाचित्रीकरण, प्रकाशन, प्रतिकृति निर्माण एवं विक्रय, संग्रहालय की स्थापना प्रदर्शन एवं विकास।
  2. राजभाषा एवं संस्कृति -
    निर्धारित वार्षिक केलेण्डर के अनुसार कार्यक्रमों का आयोजन, जिसके अंतर्गत निम्नानुसार कार्यक्रम सम्मिलित हैं - गणतंत्र दिवस समारोह, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समारोह का आयोजन, राज्योत्सव एवं अलंकरण समारोह, राजिम महोत्सव, पावस प्रसंग, शास्त्रीय संगीत का आयोजन। इसके अतिरिक्त विभिन्न महापुरूषों, साहित्यकारों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन समय-समय पर किया जाता है। शिल्प मड़ई, आकार एवं अन्य कार्यशालाओं का आयोजन । इसके अतिरिक्त विभिन्न संस्थाओं एवं व्यक्तियों को कार्यक्रमों के आयोजन हेतु अनुदान उपलब्ध करवाया जाता है। अर्थाभावग्रस्त कलाकारों/ साहित्यकारों को कलाकार कल्याण कोष से आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाता है।
  3. अभिलेखागार -
    छत्तीसगढ़ से संबंधित ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण स्थायी प्रकृति के अभिलेखों के अधिग्रहण-स्थान्तरण के अन्तर्गत मध्यप्रदेश से अभिलेखों की लगभग 3000 पृष्ठ छायाप्रतियाँ अभिलेखागार में लायी जा चुकी हैं, साथ ही लगभग 1500 अभिलेखों को चिन्हांकित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त अति महत्वपूर्ण अभिलेखों को चिन्हांकित कर उनकी लगभग 100 छायाप्रतियाँ प्राप्त किए जाने हेतु मध्यप्रदेश राज्य अभिलेखागार को लेख किया गया है। मूल अभिलेखों के हस्तान्तरण बाबत प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय पाण्डुलिपि मिद्गान भारत सरकार द्वारा अभिलेखागार के माध्यम से छत्तीसगढ़ के समस्त जिलों में पाण्डुलिपियों का सर्वेक्षण जिला प्रशासन के सहयोग से प्रारम्भ किया गया था। इसके अन्तर्गत महत्वपूर्ण पाण्डुलिपियों को चिन्हांकित तथा सूचीकृत किया गया है। प्रथम चरण का सर्वेक्षण कार्य संपन्न हो चुका है। मिद्गान की ओर से द्वितीय चरण की पुनरीक्षित रूप रेखा प्राप्त होते ही सर्वेक्षण में प्रगति जारी रहेगाी। उसके पद्गचात उनके संरक्षण हेतु संधारकों के यहां अथवा उनसे लेकर एक विद्गोष स्थान अथवा राज्य अभिलेखागार में वैज्ञानिक विधियों द्वारा संरक्षित किया जाएगा। अन्य राज्यों की भाँति छत्तीसगढ़ राज्य अभिलेखागार भवन हेतु प्रयास तेज कर दिए गए हैं, इसके अन्तर्गत छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को डीपीआर तैयार करने हेतु लेख किया गया है। इस वर्ष 2 जिला मुखयालयों के स्थायी अभिलेखों का निरीक्षण/सर्वेक्षण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  4. पुरखौती मुक्तांगन संग्रहालय का विकास -
    राज्य की संस्कृति, परंपरा, पुरातत्व, पर्यावरण और जीव-सृष्टि की सन्निधि में विकास की कल्पना को साकार करने हेतु पुरखौती मुक्तांगन का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ और राज्य के पारंपरिक शिल्पियों के द्वारा इसे सांस्कृतिक धरोहर के रूप में आकार प्रदान करने का संकल्प जीवन्त हुआ। पुरखौती मुक्तांगन रायपुर से लगभग 20 कि.मी. की दूरी पर ग्राम-उपरवारा में लगभग 200 एकड़ भूमि पर आकार ग्रहण कर रहा है।
    महामहिम राष्ट्रपति महोदय द्वारा पुरखौती मुक्तांगन के प्रथम चरण का लोकार्पण किया गया, लोकार्पण समारोह में महामहिम राष्ट्रपति महोदय ने निर्माणाधीन इस योजना की सराहना की। राज्य की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के परिसर में माननीय मुखयमंत्रीजी के हाथों पारंपरिक पौधों का रोपण कर शिल्प ग्राम निर्माण का संकल्प लिया गया। इस योजना के निर्माण कार्य हेतु ग्रामीण अभियांत्रिकी विभाग, अभनपुर एवं वन विभाग को क्रियान्वयन एजेन्सी के रूप में दायित्व सौंपा गया है।
    लगभग 200 एकड़ परिक्षेत्र में फैला पुरखौती मुक्तांगन शैक्षणिक केन्द्र होगा जिसमें छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, कलाशिल्प, प्राकृतिक संरचना और भौगोलिक परिदृश्य, पर्यावरण और जैव विविधता को प्रदर्शित करने हेतु विकास कार्य संपन्न कराया जाना है जिसका लोकार्पण महामहिम राष्ट्रपति के द्वारा किया गया। महामहिम द्वारा पुरखौती मुक्तांगन की इस अवधारणा की सराहना की गई है।
    प्रथम चरण के विकास कार्य में भव्य प्रवेश द्वार, पर्यटन सूचना केन्द्र, पाथ-वे, माड़ियापथ, बैगा चौक, देवगुड़ी, छत्तीसगढ़ हाट, आभूषण पार्क, छत्तीस खम्भा चौक, जलपृष्ठीय रंगमंच, जनजातीय पारंपरिक शेड, मनोरंजक उद्यानगृह, सड़क एवं जल-निकास, लौह शिल्पियों की कार्यशाला एवं भित्तिचित्र निर्माण, सरगुजा की भित्तिचित्र का पारंपरिक जाली निर्माण, स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियों का निर्माण, चारदीवारी निर्माण, छत्तीसगढ़ का मानचित्र का निर्माण जिसमें छत्तीसगढ़ के विभूतियों को दिखाया गया है। भू-दृश्य सौंदर्यीकरण एवं विद्युत साज-सज्जा आदि कार्य संपन्न किये जा चुके हैं।
    इस प्रकार पुरखौती मुक्तांगन परिसर को अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किये जाने एवं शैक्षणिक केन्द्र के रूप में स्थापित किये जाने का कार्य द्रुत गति से जारी है।
  5. बहुआयामी सांस्कृतिक संस्थान की स्थापना एवं क्रियान्वयन -
    राज्य के विविध सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रदर्शन, विकास, प्रचार-प्रसार, संकलन, कार्यशाला आदि के प्रत्यक्ष आयोजन से संबंधित संस्थान के विकास हेतु छत्तीसगढ़ बहुआयामी सांस्कृतिक संस्थान के गठन किया गया है। संस्थान में खयातिप्राप्त साहित्यकारों, कलाकारों की एक अंतःसंकायी समिति होगी। साथ ही विविध कलाओं एवं संकायों से चयनित उच्चस्तरीय विशेषज्ञ सम्मिलित होंगे। यह केन्द्र समुदायों के विशिष्ट सांस्कृतिक क्रियाकलापों को सर्वत्र प्रोत्साहित करेगा। इस योजना को साकार करने के उद्‌देश्य से आडिटोरियम, मुक्ताकाश मंच, आर्ट गैलरी आदि तैयार किया जाना है। 'बहुआयामी संस्कृति संस्थान' के निर्माण हेतु राजधानी के मध्य पंडरी में 4.8 एकड़ भूमि उपलब्ध हो चुकी है। इस सांस्कृतिक परिसर के निर्माण हेतु देश भर के अनुभवी वास्तुविदों से प्राप्त प्रस्तावों के माध्यम से इसकी अवधारणा तथा स्वरूप पर निर्णय लिया गया है तथा तदनुसार शीघ्र कार्य आरंभ किया जावेगा।
2.5 लोक प्राधिकरण के मुखय कृत्य -
  1. पुरातत्वीय महत्व के स्मारकों का संरक्षण, अनुरक्षण, रसायनिक संरक्षण, उत्खनन एवं सर्वेक्षण।
  2. गणतंत्र दिवस का आयोजन, स्वतंत्रता दिवस के पर्व पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन, राज्योत्सव एवं अलंकरणात्मक समारोह का आयोजन राजिम महोत्सव, आकार, शिल्प मड़ई एवं शिल्प पर आधारित कार्यशालाओं का आयोजन। चक्रधर समारोह,बिलासा समारोह, मल्हार उत्सव, जाजल्लदेव उत्सव, बखशी सृजन पीठ आदि कार्यक्रमों के आयोजन के लिए अनुदान उपलब्ध करवाना। अर्थाभावग्रस्त साहित्यकारों को अनुदान उपलब्ध कराना तथा साहित्यकार एंव लेखकों को प्रकाशन के लए अनुदान उपलब्ध करवाना।
  3. राज्य के विभिन्न जिलों में ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के अभिलेखों का अन्वेषण एवं संकलन।
2.6 लोक प्राधिकरण द्वारा प्रदत्त सेवाओं की सूची एवं उनका संक्षिप्त विवरण -
  1. संग्रहालयों में मार्गदर्शक की सेवाऍं उपलब्ध करवायी जा रही है।
2.7 लोक प्राधिकरण के विभिन्न स्तरों (शासन, निदेशालय, क्षेत्र, जिला, ब्लाक आदि) पर संगठनात्मक ढांचा (जहॉं लागू हो) -
  1. शासन स्तर पर - अपर मुखय सचिव एवं विशेष सचिव
  2. संचालनालय स्तर पर - आयुक्त - सेट अप
  3. प्रादेशिक स्तर पर संग्रहालय -सेट अप
  4. जिला स्तर पर मात्र दो जिले बिलासपुर एवं जगदलपुर में विभागीय कार्यालय स्थापित हैं - सेट अप
2.8 लोक प्राधिकरण की कार्यदक्षता बढ़ाते हुए जनसहयोग की अपेक्षाएँ -
संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की कार्यदक्षता में सहयोग तथा जन भागीदारी हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में बिखरी हुई कलाकृतियों, पुरावशेषों तथा स्मारकों की देखरेख हेतु मुखय रूप से ग्राम पंचायतों की भूमिका महत्वपूर्ण है। संविधान के 73 वें संशोधन तथा पॉंचवी अनुसूची में अनुसूचित क्षेत्रों मे ग्राम सभा के अधिकारों के अंतर्गत सांस्कृतिक विरासतों की सुरक्षा तथा देखरेख के लिए ग्राम सभा अधिकृत किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश ग्रामों को तालाबों के मेड़ पर, पूजित छोटे-छोटे मढ़ियों में पुरावशेष रखे हुए मिलते हैं । संस्कृति विभाग के पास पर्याप्त अमला नहीं होने से ग्राम पंचायतों का सहयोग अपेक्षित है।
2.9 जन सहयोग सुनिश्चित करने के लिए विधि/व्यवस्था -
संस्कृति विभाग के क्रियाकलापों में जन सहयोग निश्चित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्यक्ष संपर्क के साथ-साथ संस्कृति मूलक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए प्राप्त आवेदनों पर विचार कर संस्थाओं को अनुदान दिया जाता है। छत्तीसगढ़ के अधिकांश लोक कलाकारों की सूची तैयार की जाकर प्रमाण पत्र भी वितरित किया गया है।

2.10 जन सेवाओं के अनुश्रवण एवं शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था -
संस्कृति विभाग प्रत्यक्ष रूप से जनसेवाओं से संबंधित नही है। अनुदान एवं अन्य कार्यों के लिए प्राप्त आवेदनों के नियमानुकूल गुणवत्ता तथा आवश्यकता के अनुरूप कार्यवाही प्रस्तावित की जाती है। शिकायतों का परीक्षण किया जाकर नियमानुकूल कार्यवाही का प्रावधान है।

2.11 मुख्य कार्यालय तथा विभिन्न स्तरों पर कार्यालय के पते (जिलावार वर्गीकरण करें)-
संचालनालय संस्कृति एवं पुरातत्व के अंतर्गत राज्य में निम्नलिखित कार्यालय स्थापित है। -

  1. संचालनालय संस्कृति एवं पुरातत्वमहंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर, घड़ी चौक के पास, रायपुर (छ.ग.)
  2. महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय
    घड़ी चौक, रायपुर, पोस्ट - रायपुर (छ.ग.)
  3. संग्रहाध्यक्ष
    जिला पुरातत्व संग्रहालय बिलासपुर, पोस्ट - बिलासपुर (छ.ग.)
  4. संग्रहाध्यक्ष
    जिला पुरातत्व संग्रहालय जगदलपुर, पोस्ट - जगदलपुर (छ.ग.)

2.12 कार्यालय के खुलने का समय -
शासन द्वारा घोषित राजपत्रित एवं अन्य शासकीय अवकाशों के दिवसों को छोड़कर कार्यालय खुलने का समय 10.30 बजे पूर्वान्ह निर्धारित है। संग्रहालयों के लिए अवकाश निम्नानुसार है - प्रति सोमवार एवं शासन द्वारा घोषित अन्य राजपत्रित अवकाशों को छोड़कर संग्रहालय खुलने का समय प्रतिदिन 10 बजे पूर्वान्ह निर्धारित है।

अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियॉं एवं कर्तव्य

पद का नाम - आयुक्त संस्कृति एवं पुरातत्व

शक्तियॉं -

प्रशासकीय -

  1. नियुक्ति संबंधी - आयुक्त/विभागाध्यक्ष को चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी कर्मचारियों/तकनीकी कर्मचारियों को नियुक्ति संबंधी पूर्ण शक्तियॉं प्राप्त हैं। C.C.A. Rules or M.P.Civil Services (Classification and Appeal) Rules, 1966 सी.सी.ए.रूल्स, नियम 12 एवं 13 के तहत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के मामलों के लिए विभाग प्रमुख/आयुक्त को नियुक्ति के अधिकार प्रदान किये गये हैं।
  2. पदस्थापना एवं स्थानांतर संबंधी - इसी तरह चतुर्थ एवं तृतीय वर्ग के कर्मचारियों/तकनीकी कर्मचारियों के पदस्थापना एवं स्थानांतरण संबंधी पूर्ण शक्ति विभाग प्रमुख को है।
  3. अनुरक्षण संबंधी - अनुरक्षण एवं निर्माण कार्य के लिए रूपये 10.00 लाख तक की प्रशासकीय स्वीकृति ।
  4. विभागीय जॉंच एवं दण्डात्मक शक्त्यिॉं - विभाग प्रमुख/आयुक्त सक्षम पदाधिकारी है और सी.सी.ए. रूल्स के प्रावधान के तहत नियोक्ता अधिकारी ही विभागीय जॉंच करने एवं दण्डित करने के लिए सक्षम अधिकारी होता है। अतः चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी के अधिकारियों को विभागीय जॉंच करने के एवं दण्ड देने संबंधी शक्तियॉं केवल विभाग प्रमुख के पास है।
  5. अवकाश संबंधी शक्तियॉं - निम्न दर्शाये अनुसार है।
अवकाश संबंधी शक्तियॉं
श्रेणी/संवर्ग का नाम
अवकाश का प्रकार विभाग प्रमुख (संचालक/आयुक्त)
चतुर्थ श्रेणी संग्रहालय/स्मारकों आकस्मिक  
कर्मचारियों के लिए
कार्यालयीन कर्मचारियों के लिए
   
तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए अर्जित  
तृतीय श्रेणी (कार्यपालिक) अधिकारियों के लिए अर्जित एक बार में 90 दिन
  अर्द्ध वैतनिक एक बार में 120 दिन
  लघुकृत एक बार में 180 दिन
  अदेय एक बार में 90 दिन
  असाधारण एक बार में 120 दिन
  सेवानिवृत्ति पूर्व पूर्ण अधिकार
द्वितीय श्रेणी अधिकारियों के लिए अर्जित एक बार में 120 दिन
  अर्द्धवैतनिक एक बार में 180 दिन
  लघुकृत एक बार में 90 दिन
  सेवानिवृत्ति पूर्व पूर्ण अधिकार
प्रथम श्रेणी अधिकारियों के लिए अर्जित एक बार में 90 दिन
  अर्द्धवैतनिक एक बार में 60 दिन
  लघुकृत
एक बार में 30 दिन
सभी श्रेणियों के लिए प्रसूति अवकाश -

वित्तीय -आयुक्त, पुरातत्व, पुरालेख एवं संग्रहालय संबंधी वित्तीय शक्तियॉं निम्नानुसार हैं -

क्र विवरण अधिकारों का प्रत्यार्वन
1 स्वायत्व निकायों जैसे जिला पुरातत्वीय संघ इत्यादि को सहायक अनुदान की मंजूरी तथा सहायक अनुदान देयकों पर प्रतिहास्ताक्षर, वित्तीय विवरिणयों की जॉच, अधिक भुगतान को अस्थाई रूप से रोकना या निलंबित करना। पूर्ण शक्तियॉ
2 विज्ञापनों पर खर्च की मंजूरी। पूर्ण शक्तियां
3 अशासकीय प्रकाशनों के क्रय पर खच्र की मंजूरी। पूर्ण शक्तियां
4 पुरातत्वीय स्मारकों के संरक्षण (अनुरक्षण) कार्यों हेतु वित्तीय, प्रशासकीय एवं तकनीकी मंजूरी देना। प्रत्येक प्रकरण में रू. 10 लाख तक
5 संरक्षण (अनुरक्षण) कार्यों तथा लघु संधारण के कार्यों को प्रशासकीय एवं तकनीकी अनुमोदन देना। पूर्ण शक्तियां
6 कला उद्‌देश्यों एवं पुरातन वस्तुओं के कार्यों के संरक्षण पर खर्च की मंजूरी प्रत्येक प्रकरण में रू. 1 लाख तक
7 उत्खनन, खोज एवं पुरातन वस्तुओं का संग्रहण हेतु वित्तीय मंजूरी देना। प्रत्येक प्रकरण में रू. 1 लाख तक
8 उत्खनन, खेज एवं पुरातन वस्तुओं का संग्रहण(रासायनिक संरक्षण) तथा दीमकरोधी कार्यों हेतु वित्तीय मंजूरी देना। प्रत्येक प्रकरण में रू. 5 लाख तक
9 प्रदर्श कार्य विद्युतीकरण, संग्रहालयों तथा स्मारकों में बगीचों का संधारण की वित्तीय मंजूरी देना।
प्रत्येक प्रकरण में रू. 5 लाख तक
10 (1) संग्रहालयों तथा स्मारकों में संधारण तथा अतिरिक्त निर्माण कार्य पर खर्च करने हेतु वित्तीय मंजूरी देना (एम.ओ.डब्ल्यू.)।

(2) रनिंग बिलों को पारित करना।

(3) अंतिम बिलों को पारित करना।

(4) उसके निष्पादन दौरान निर्माण में कार्य के विवरण को संशोधित करने की मंजूरी
(5) लोक निर्माण विभाग, एम.ओ.आर./प्रचलित दरों की अनुसूचिी से अधिक दरें निर्धारित करने की शक्ति।

(6) लघु शीर्ष सिविल वर्क के अधीन स्टाक वर्क के अधीन स्टाक की हानियों हेतु प्राक्कलन को मंजूरी देना।

(7) विभागीय आधार पर कार्यों के निष्पादन के लिए अधीनस्थों को अग्रिम मंजूर करने की शक्ति।

(8) माप पुस्तिका के अपलेखन की शक्ति।

पूर्ण शक्तियॉ

एम समय में स्वीकृत राशि का 25 प्रतिशत तक

पूर्ण शक्तियॉ

पूर्ण शक्तियॉ

पूर्ण शक्तियॉ


प्रत्येक प्रकरण में रू. 50,000 तक


प्रत्येक प्रकरण में रू. 50,000 तक


पूर्ण शक्तियॉ

11 छपाई, प्रकाशन तथा संबंधित कार्य पर खर्च की मंजूरी। पूर्ण शक्तियॉ
12 कला उद्‌देश्यों तथा पुरातन सामग्रियों के क्रय पर खर्च की मंजूरी। प्रत्येक प्रकरण में रू. 5 लाख तक
13 जलपान तथा भोजन खर्च सहित विभागीय क्रियाकलापों पर खर्च की मंजूरी। पूर्ण शक्तियॉ
14 फोटोग्राफी तथा संबंधित उपभोग्य मदों के क्रय पर खर्च की मंजूरी। पूर्ण शक्तियॉ
15 मानदेय मंजूरी की शंक्ति। पूर्ण शक्तियॉ
16 संग्रहालयों/स्मारकों के संधारण पर खर्च करने की शक्ति। पूर्ण शक्तियॉ
17 किसी व्यक्ति को ईनाम मंजूर करने की शक्ति जिसने पुरातत्वीय गतिविधियों में सहयोग/विशेष सेवाऍ दी हैं। प्रत्येक प्रकरण में रू. 10,000 तक
18 निविदाऍ, ठेकों तथा अनुबंधों को स्वीकार करने की शक्ति। प्रत्येक प्रकरण में रू. 50,000 तक
19 अनावर्ती आकस्मिक खर्च की मंजूरी, कहीं भी आच्छादित न हो। पूर्ण शक्तियॉ
20 विभागीय प्रकाशनों, विभाग द्वारा तैयार लेखें के विक्रय मूल्य का निर्धारण। पूर्ण शक्तियॉ
21 1. लेख/प्रकाशनों/उत्पादन के विक्रय मूल्य को घटना तथा विभागीय केन्द्रों से विक्रय।
2. स्टाकिस्ट, एजेन्ट तथा बेचने वालों को लेख, प्रकाशन के विक्रय पर कमीशन देना।
विक्रय मूल्य का 30 प्रतिशत

पूर्ण शक्तियॉ

22 प्रकाशकों, लेखकों, रचयिता/अंशदाता इत्यादि को विभागीय प्रकाशन की निःशुल्क प्रतियों का प्रदाय। पूर्ण शक्तियॉ
23 विभागीय उत्पादित कल्पना जैसे प्लास्टर/ फाइबर/ ढ़लवा बोन नचाइना इत्यादि बढ़ाने तथा प्रचार के उद्‌देश्य हेतु संपूरक उपहार देना। वार्षिक उत्पादन का 10 प्रतिशत
24 अन्य शासकीय अभिकरणों तथा ऐसे पंजीकृत अशासकीय संगठनों जैसे प्रदूषण सुरक्षा, नियंत्रण संगठन, इंटेक इत्यादि जिनकी गतिविधियॉं सीधे विभागीय गतिविधियों पर धारित हैं, द्वारा निष्पादन हेतु विभागीय कार्यों की मंजूरी। प्रत्येक प्रकरण में रू.5 लाख तक

विभाग प्रमुख, संचालनालय राजभाषा एवं संस्कृति के संबंध में वित्तीय शक्ति

क्र. विवरण अधिकारों का प्रत्यावर्तन
1 पूर्ण निधि वाले स्वायत्त निगमों, अशासकीय संगठनों तथा स्वैच्छिक अभिकरणों को सहायक अनुदान की मंजूरी। पूर्ण शक्तियॉ
2 अधिक भुगतान का वसूली आदेश तथा अनुदान के भुगतान को रोकना या निलंबित करना। पूर्ण शक्तियॉ
3 सहायक अनुदान देयकों पर प्रतिहस्ताक्षर करने की शक्ति। पूर्ण शक्तियॉ
4 विज्ञापनों पर खर्च की मंजूरी। पूर्ण शक्तियॉ
5 अशासकीय प्रकाशन क्रय पर खर्च की मंजूरी। पूर्ण शक्तियॉ
6 फोल्डर के मुद्रण पर खर्च की मंजूरी। पूर्ण शक्तियॉ
7 जलपान तथा लंच/डिनर सहित शासकीय कृत्यों के आयोजनों पर खर्च की मंजूरी। पूर्ण शक्तियॉ
8 जूरी सदस्यों पर खर्च की मंजूरी। पूर्ण शक्तियॉ
9 अनुबंध आधार पर अनुवाद कार्य की मंजूरी। पूर्ण शक्तियॉ
10 छात्रवृत्तियॉ तथा अधिसदस्यता की मंजूरी। पूर्ण शक्तियॉ
11 बगीचों के संधारण का ठेका। पूर्ण शक्तियॉ
12 कांफ्रेंस हॉल/प्रेक्षागृह हेतु मंच, साउण्ड, लाइट, उपकरण इत्यादि का क्रय। रू. एक लाख तक
13 शासकीय प्रकाशनों, पुस्तकों एवं लेखों इत्यादि को भेंट में देना। पूर्ण शक्तियॉ
14 फाईन आर्ट्‌स, का्रफ्ट एवं गायन संस्थाओं में अनुबंध पर शैक्षणिक अमले की नियुक्ति की मंजूरी।
पूर्ण शक्तियॉ
अन्य -
  1. विभागीय शक्तियां अधिरोपण एवं निराकरण।

कर्तव्य - राज्य की संस्कृति एवं पुरातत्व से संबंधित समस्त कार्यों एवं गतिविधियों तथा अधिकारी एवं कर्मचारियों पर प्रशासकीय नियंत्रण।

संयुक्त संचालक, संचालनालय राजभाषा एवं संस्कृति के
संबंध में वित्तीय शक्ति

क्र. विवरण अधिकारों का प्रत्यावर्तन
1 सहायक अनुदान देयकों पर प्रतिहस्ताक्षर करने की शक्ति रू. एक लाख तक


पद का नाम - संयुक्त संचालक
शक्तियॉ -
प्रशासकीय - निर्धारित की जा रही है।
वित्तीय - निर्धारित की जा रही है।
कर्तव्य -

  1. पुरातत्वीय एवं संग्रहालयीन गतिविधियों का प्रचार-प्रसार कराना।
  2. उत्खनन, सर्वेक्षण/समन्वेषण आदि गतिविधियों को संचालित करना/कराना।
  3. आयुक्त द्वारा आदेशित विभाग से संबंधित समस्त गतिविधियों के क्रियान्वयन में समन्वय स्थापित करना।

पद का नाम - क्षेत्रीय उपसंचालक / उप संचालक

शक्तियॉ -
प्रशासकीय -

  1. चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को वार्षिक वेतनवृद्धि स्वीकृत करने का अधिकार।
  2. चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के आकस्मिक अवकाश के संबंध में पूर्ण शक्ति।
  3. चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के 90 दिन तक अर्जित अवकाश स्वीकृत करने का अधिकार।
  4. चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के गोपनीय चरित्रावली में नियंत्रण अधिकारी के अभिमत पर मतांकन का अधिकार।

वित्तीय -क्षेत्रीय उप संचालक / उप संचालक के वित्तीय अधिकार

क्र. विवरण अधिकारों का प्रत्यावर्तन
1 उत्खनन, खोज एवं पुरातन वस्तुओं का संग्रहण हेतु वित्तीय मंजूरी देना। प्रत्येक प्रकरण में रू. 15,000/- तक
2 उत्खनन, खोज एवं पुरातन वस्तुओं का संग्रहण (रासायनिक संरक्षण) तथा दीमकरोधी कार्यों हेतु वित्तीय मंजूरी देना।
प्रत्येक प्रकरण में रू. 15,000/- तक
3 प्रदर्श कार्य, विद्युतीकरण, संग्रहालयों तथा स्मारकों में बगीचों का संधारण की वित्तीय मंजूरी देना। प्रत्येक प्रकरण में रू. 50,000/- तक
4 (1) संग्रहालयों तथा स्मारकों में संधारण तथा अतिरिक्त निर्माण कार्य पर खर्च करने हेतु वित्तीय मंजूरी देना (एम.ओ.डब्ल्यू) ।
प्रत्येक प्रकरण में रू. 50,000/- तक
  (2) रनिंग बिलों को पारित करना। एक समय में स्वीकृत राशि का 25 प्रतिशत
  (3) उसके निष्पादन के दौरान निर्माण कार्य के विवरण को संशोधित करने की मंजूरी। वैयक्तिक मदों में 25 प्रतिशत तक
  (4) लोक निर्माण विभाग, ए.ओ.आर./प्रचलित दरों की अनुसूची से अधिक दरें निर्धारित करने की शक्ति। 30 प्रतिशत तक
  (5) कार्य स्थल पर सामग्रियों/विघटित कार्य सहित निष्प्रयोज्य भण्डारों के निराकरण हेतु आदेश जारी करना तथा उनके अपलेखन की मंजूरी। प्रत्येक प्रकरण में रू. 15,000/- तक
  (6) विभागीय आधार पर कार्यों के निष्पादन के लिए अधीनस्थों को अग्रिम मंजूर करने की शक्ति । प्रत्येक प्रकरण में रू. 15,000/- तक
5 छपाई, प्रकाशन तथा संबंधित कार्य पर खर्च की मंजूरी प्रत्येक प्रकरण में रू. 10,000/- तक
6 जलपान तथा भोजन खर्च सहित विभागीय क्रियाकलापों पर खर्च की मंजूरी प्रत्येक प्रकरण में रू. 20,000/- तक
7 फोटोग्राफी तथा संबंधित उपयोग मदों के क्रय पर खर्च की मंजूरी प्रत्येक प्रकरण में रू. 25,000/- तक
8 निविदाऍं, ठेकों तथा अनुबंधों को स्वीकार करने की शक्ति प्रत्येक प्रकरण में रू. 10,000/- तक
9 अनावर्ती आकस्मिक खर्च की मंजूरी, कहीं भी आच्छादित न हो प्रत्येक प्रकरण में रू. 10,000/- तक
शक्तियॉ -
  1. अपने कार्यक्षेत्र में प्रशासकीय नियंत्रण रखना।
  2. प्रशासकीय एवं वित्तीय दायित्वों का निर्वहन करना।
  3. पुरातत्वीय एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रचार-प्रसार करना/कराना।
  4. निरीक्षण, उत्खनन, सर्वेक्षण, समन्वेषण, अनुरक्षण एवं संवर्द्धन आदि संपादित करना/कराना।
  5. संग्रहालयों का विकास, प्रदर्शन, सुरक्षा व्यवस्था आदि।

पद का नाम - संग्रहाध्यक्ष/पुरातत्ववेत्ता (कार्यालय प्रमुख)

शक्तियॉ -

प्रशासकीय -

  1. चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को वार्षिक वेतनवृद्धि स्वीकृत करने का अधिकार।
  2. चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के आकस्मिक अवकाश के संबंध में पूर्ण शक्ति।
  3. चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के 30 दिन तक अर्जित अवकाश स्वीकृत करने का अधिकार
  4. चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के गोपनीय चरित्रावली पर प्रथम अभिमत देने का अधिकार।

वित्तीय -संग्रहालय/पुरातत्ववेत्ता (कार्यालय प्रमुख) के वित्तीय अधिका

क्र. विवरण अधिकारों का प्रत्यावर्तन
1 विज्ञापनों पर खर्च की मंजूरी प्रत्येक प्रकरण में रू. 500/- तक
2 अशासकीय प्रकाशनों के क्रय पर खर्च की मंजूरी प्रत्येक प्रकरण में रू. 1000/- तक
3 उत्खनन, खोज एवं पुरातन वस्तुओं का संग्रहण हेतु वित्तीय मंजूरी देना प्रत्येक प्रकरण में रू. 10,000/- तकक
4 प्रदर्श कार्य, विद्युतीकरण, संग्रहालयों तथा स्मारकों में बगीचों का संधारण की वित्तीय मंजूरी देना। प्रत्येक प्रकरण में रू. 25,000/- तक
5 (1) संग्रहालयों तथा स्मारकों में संधारण तथा अतिरिक्त निर्माण कार्य पर खर्च करने हेतु वित्तीय मंजूरी देना (एम.ओ.डब्ल्यू) । प्रत्येक प्रकरण में रू. 25,000/- तक
  (2) उसके निष्पादन के दौरान निर्माण कार्य के विवरण को संशोधित करने की मंजूरी वैयक्तिक मदों में 10 प्रतिशत तक
  (3) लोक निर्माण विभाग, ए.ओ.आर./प्रचलित दरों की अनुसूची से अधिक दरें निर्धारित करने की शक्ति। 20 प्रतिशत तक
  (4) कार्य स्थल पर सामग्रियों/विघटित कार्य सहित निष्प्रयोज्य भण्डारों के निराकरण हेतु आदेश जारी करना तथा उनके अपलेखन की मंजूरी। प्रत्येक प्रकरण में रू. 5,000/- तक
  (5) विभागीय आधार पर कार्यों के निष्पादन के लिए अधीनस्थों को अग्रिम मंजूर करने की शक्ति । प्रत्येक प्रकरण में रू. 10,000/- तक
6 छपाई, प्रकाशन तथा संबंधित कार्य पर खर्च की मंजूरी पूर्ण शक्तियॉं
7 कार्य का निष्पादन, बिना निविदाऍं आमंत्रित किए ग्राम पंचायतों के मार्फत सामान की आपूर्ति की मंजूरी की शक्ति
प्रत्येक प्रकरण में रू. 5,000/- तक

शक्तियॉ -

  1. अपने कार्यालय एवं कार्यक्षेत्र के स्मारकों का संधारण एवं सुरक्षा व्यवस्था करना।
  2. संग्रहालयों की व्यवस्था, प्रदर्शन, संवर्द्धन एवं अन्य विकासात्मक कार्यों का संपादन।
  3. स्मारकों पर अनुरक्षण, जीर्णोंद्धार एवं विकासात्मक कार्यों का संपादन।
  4. पुरातत्वीय/विशिष्ट उद्‌देश्य से किये जाने वाले सर्वेक्षण कार्य/ समन्वेषण / उत्खनन कार्यों का संपादन ।

कार्यरत लिपिकीय एवं अलिपिकीय/तकनीकी कर्मचारियों की सूची एवं कर्तव्य

(मैनुअल-9)
(अधिकारियों और कर्मचारियों की निर्देशिका)
विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निर्देशिका निम्नानुसार है :-

सं.क्र. पदनाम श्रेणी वेतनमान स्वीकृत पद
1 आयुक्त प्रथम आई.ए.एस. 1 पद
2 संयुक्त संचालक प्रथम 12000-16500 1 पद
3 उपसंचालक प्रथम 12000-16500 3 पद
4 लेखाधिकारी द्वितीय 8000-13500 1 पद
5 मुद्राशास्त्री द्वितीय 8000-13500 1 पद
6 पुरालेखवेत्ता द्वितीय 8000-13500 1 पद
7 पुरातत्वीय अधि. द्वितीय 8000-13500 1 पद
8 पुरातत्ववेत्ता द्वितीय 8000-13500 2 पद
9 अधीक्षक तृतीय 5500-9000 1 पद
10 कनि. लेखाधिकारी तृतीय 5500-8000 1 पद
11 स.अधीक्षक तृतीय 5500-8000 1 पद
12 सहा.वर्ग 1 तृतीय 4500-7000 1 पद
13 सहा.वर्ग-2 तृतीय 4000-6000 3 पद
14 स. वर्ग- 3 तृतीय 3050-4590 5 पद
15 स्टेनोग्राफर-3 तृतीय 4000-6000 3 पद
16 स्टेनो टायपिस्ट तृतीय 3050-4590 5 पद
17 डाटा एन्ट्री ऑपरेटर
तृतीय 3500-5200 1 पद
18 वाहन चालक चतुर्थ 3050-4590 3 पद
19 भृत्य चतुर्थ 2550-3200 11 पद
20 चौकीदार चतुर्थ जिलाध्यक्ष दर 1 पद
21 अंशकालिक फर्राश चतुर्थ ---//--- 1 पद
22 वीडियोग्राफर/ छायाचित्रकार तृतीय 4000-6000 1 पद
मॉडलिंग खण्ड
1 कलाकार
तृतीय 5000-8000 2 पद
2 सहा.कलाकार तृतीय 4500-7000 2 पद
3 मोल्डर/सेल्समेन तृतीय 3050-4590 2 पद
अनुरक्षण
1 उप संचालक प्रथम 10000-15200 1 पद
2 सहायक यंत्री द्वितीय 8000-13500
1 पद
3 मुखय रसायनज्ञ द्वितीय 8000-13500
1 पद
4 उपयंत्री तृतीय 5000-8000 3 पद
5 मानचित्रकार तृतीय 5000-8000 2 पद
6 रसायनज्ञ तृतीय 5000-8000 2 पद
7 सहा. रसायनज्ञ तृतीय 4500-7000 2 पद
8 उत्खनन सहायक तृतीय 4500-7000 3 पद
9 पर्यवेक्षक तृतीय 4000-6000 1 पद
10 सर्वेयर तृतीय 4000-6000 3 पद
11 सहायक वर्ग-2 तृतीय 4000-6000 3 पद
12 सहायक वर्ग-3 तृतीय 3050-4590 3 पद
13 डाटा एन्ट्री ऑपरेटर तृतीय 3050-4590 1 पद
प्रकाशन खण्ड
1 प्रकाशन अधिकारी द्वितीय 8000-13500 1 पद
2 तकनीकी सहायक तृतीय 4500-7000 2 पद
3 सहायक वर्ग-2 तृतीय 4000-6000 1 पद
4 सहायक वर्ग-3 तृतीय 3050-4590 1 पद
राज्य पुरालेख संचालनालय
1 उप संचालक प्रथम 10000-15200 1 पद
2 पुरा. अधिकारी द्वितीय 8000-13500 1 पद
3 संरक्षण अधिकारी द्वितीय 6500-10500 1 पद
4 सहा.पुरा. अधि. तृतीय 5500-9000 1 पद
5 सहायक ग्रंथपाल तृतीय 5000-8000 1 पद
6 सहा. पुरालेखपाल तृतीय 4500-7000 1 पद
7 सहायक वर्ग-2 तृतीय 4000-6000 1 पद
8 डाटा एन्ट्री ऑपरेटर तृतीय 3500-5200 1 पद
9 बाईन्डर तृतीय 3050-4590 1 पद
10 भृत्य चतुर्थ 2550-3200 2 पद
संग्रहालय
1 संग्रहाध्यक्ष द्वितीय 8000-13500 7 पद
2 मार्गदर्शक/गाईड तृतीय
5500-9000 3 पद
3 कनि.मार्गदर्शक/गाईड तृतीय
4500-7000
4 पद
4 सहा.उद्यान विकास अधिकारी तृतीय
5000-8000 1 पद
5 उप अभियंता तृतीय
5000-8000 1 पद
6 स्वागतकर्ता तृतीय
4500-7000
2 पद
7 सहायक ग्रेड-2 तृतीय
4000-6000 1 पद
8 सहायक ग्रेड-3 तृतीय
3050-4590 1 पद
9 डाटा एन्ट्री ऑपरेटर तृतीय
3500-5200 1 पद
10 भृत्य चतुर्थ 2550-3200 2 पद
11 चौकीदार, चतुर्थ 2500-3200 1 पद
12 केयर टेकर चतुर्थ जिलाध्यक्ष दर 6 पद
ग्रंथालय
1 ग्रंथपाल द्वितीय 8000-13500 1 पद
2 सहा.ग्रंथपाल तृतीय 5000-8000 1 पद
3 सहा. प्रोग्रामर तृतीय 5000-8000 1 पद
4 डाटा एन्ट्री ऑपरेटर तृतीय 3500-5200 1 पद
5 सहा. ग्रेड-3 तृतीय 3050-4590
2 पद
6 भृत्य चतुर्थ 2550-3200 4 पद
         
राजभाषा
1 शोध सहायक तृतीय 5000-8000 2 पद
2 अनुवादक तृतीय 4500-7000 2 पद
3 सहायक वर्ग-2 तृतीय 4000-6000 1 पद
4 सहायक वर्ग-3 तृतीय 3050-4590 3 पद
5 डाटा एन्ट्री आपरेटर तृतीय 3500-5200 1 पद
6 अनुदेशक तृतीय 5500-9000 2 पद
7 भृत्य चतुर्थ 2550-3200 2 पद

स्वीकृम सांखयेतर पदों की जानकारी

1 केयर टेकर चतुर्थ 2550-3200 11
2 स्वीपर चतुर्थ 2550-3200 01
3 केयर-टेकर चतुर्थ 2550-3200 06
4 डद्यान रेजा चतुर्थ 2550-3200 04
5 डद्यान मजदूर चतुर्थ 2550-3200 02
6 भृत्य चतुर्थ 2550-3200 -

छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग की स्वीकृत पद संरचना

क्र. पद नाम श्रेणी
वेतनमान शासन द्वारा स्वीकृत पद
1 अध्यक्ष प्रथम 25000 प्र.मा. 01
2 सदस्य प्रथम 18000 प्र.मा. 02
3 सचिव प्रथम 16400-20000 01
4 उप सचिव प्रथम 12000-16500 01
5 लेखाधिकारी सह प्रशासनिक अधिकारी द्वितीय 8000-13500 01
6 सहायक संचालक द्वितीय 8000-13500 01
7 हिन्दी/छत्तीसगढ़ी अनुवादक तृतीय 5500-9000 01
8 अधीक्षक
तृतीय 5000-8000 01
9 सहायक ग्रेड-1 तृतीय 4500-7000 01
10 सहायक ग्रेड-2 तृतीय 4000-6000 02
11 स्टेनोग्राफर तृतीय 4000-6000 02
12 कम्प्यूटर आपरेटर तृतीय 8000 संविदा 01
13 वाहन चालक तृतीय 3050-4590 02
14 भृत्य चतुर्थ 2550-3200 02
15 स्वीपर चतुर्थ अंशकालीन
01
      योग :- 20
     
(आर.सी. श्रीवास्तव)
आयुक्त
संस्कृति एवं पुरातत्व

लोक प्राधिकारी के पास या उनके नियंत्रण में उपलब्ध दस्तावेजों का प्रवगो (Categories) के अनुसार विवरण


अभिलेखागार प्रभाग


लोक प्राधिकारी के पास या उनके नियंत्रण में उपलब्ध दस्तावेजों का प्रवर्गो के अनुसार विवरण

क्र.स प्रवर्ग दस्तावेज का नाम एवं पंक्ति में परिचय दस्तावेज प्राप्त करने के लिए प्रक्रिया धारक/नियंत्रणाधीन
1 कार्यालयीन अभिलेख अभिलेखागार प्रभाग के प्रशासन, स्थापना लेखा-बजट, भंडार, अभिलेख (ii) आवेदन पर 30 दिवस में प्रदाय सहायक प्प् ध् उपसंचालक
2 ऐतिहास एवं महत्वपूर्ण (स्थायी प्रकृति) अभिलेख विवरण नीचे दर्शाए अनुसार (ii) शुल्क रू. 3/- प्रति, प्रतिलिपि गरीबी रेखा के नीचे के आवेदक को निःशुल्क सहायक पुरालेख अधिकारी/ उप संचालक

सूची क्रमांक 1

S. No. File No. Year Subject Remark
1 Vol. I
1854-55 Chhattisgarh Divisional Records Vol. I 1854-55  
2 Vol. II 1855 Chhattisgarh Divisional Records Vol. II 1855  
3 F.E.3-1/37 1935 (1) Request of the Bishop of Ranchi to be permitted to visit Udaipur and Raigarh States to tour in those States and to minister to the Converts.
(2) Activities of the Christian Missions in the Eastern States Agency.
 
4 57-C/36 1936 Succession to the Bastar Gadi, Minor Maharajas' gotra  
5 927-P/36 1936 A summary of the results of investigations of iron ore deposits in the Bastar State by Mr. h Crookshank, Superintendent, Geological survey of India.  
6 F-3-1/39 1939 Activities of the Christian Mission in The Eastern State Agency.  
7 C 6-4/ 40 1940 Admission of certain States in The Eastern States Agency to the Chamber of Princes in their own rights.  
8 M 8-12/44 1944 Development of Mineral Resources in Bastar State.  
9 R 13-4/47 P 1947 Surguja Affairs  
10 R 139/47 1947 Title of the Ruler of Changbhakar.  
11     Wajib-ul-Arz of the Nadgaon State.  

सूची क्रमांक 2

1 -- 30.11.1955 अग्रदूत समाचार पत्रा 30.11.1950 मूलप्रति
आदिम जाति अनुसंधान संस्थान मध्यप्रदेश, भोपाल से प्राप्त
1 हलबा, जनजाति का सक्षिप्त मानव शास्त्रीय अध्ययन मोनोग्राफिक अध्ययन
2 कंडरा, जनजाति का सक्षिप्त मानव शास्त्रीय अध्ययन मोनोग्राफिक अध्ययन
3 विरहोर, जनजाति का सक्षिप्त मानव शास्त्रीय अध्ययन मोनोग्राफिक अध्ययन
4 अगरिया, जनजाति का सक्षिप्त मानव शास्त्रीय अध्ययन मोनोग्राफिक अध्ययन
5 उरांव, जनजाति का सक्षिप्त मानव शास्त्रीय अध्ययन मोनोग्राफिक अध्ययन
6 पाव, जनजाति का सक्षिप्त मानव शास्त्रीय अध्ययन मोनोग्राफिक अध्ययन
7 मुण्डा, जनजाति का सक्षिप्त मानव शास्त्रीय अध्ययन मोनोग्राफिक अध्ययन
8 धनका, जनजाति का सक्षिप्त मानव शास्त्रीय अध्ययन मोनोग्राफिक अध्ययन
9 बैगा, जनजाति का सक्षिप्त मानव शास्त्रीय अध्ययन मोनोग्राफिक अध्ययन
10 बिंझवार च्ंतज प् - प्प् जनजाति का सक्षिप्त मानव शास्त्रीय अध्ययन मोनोग्राफिक अध्ययन
11 भतरा, जनजाति का सक्षिप्त मानव शास्त्रीय अध्ययन मोनोग्राफिक अध्ययन
12 मुरिया, जनजाति का सक्षिप्त मानव शास्त्रीय अध्ययन मोनोग्राफिक अध्ययन
13 दोरला, जनजाति का सक्षिप्त मानव शास्त्रीय अध्ययन मोनोग्राफिक अध्ययन
14 थनवार, जनजाति का सक्षिप्त मानव शास्त्रीय अध्ययन मोनोग्राफिक अध्ययन
15 पारधी/बहेलिया, जनजाति का सक्षिप्त मानव शास्त्रीय अध्ययन मोनोग्राफिक अध्ययन
16 भुंजिया , जनजाति का सक्षिप्त मानव शास्त्रीय अध्ययन मोनोग्राफिक अध्ययन
17 मॉझी, जनजाति का सक्षिप्त मानव शास्त्रीय अध्ययन मोनोग्राफिक अध्ययन
18 धुरवा गोंड़, जनजाति का सक्षिप्त मानव शास्त्रीय अध्ययन मोनोग्राफिक अध्ययन
19 गदबा, जनजाति का सक्षिप्त मानव शास्त्रीय अध्ययन मोनोग्राफिक अध्ययन

अभिलेखागार प्रभाग

अभिलेख का नाम ................................. अभिलेख का प्रकार
निम्न में से किसी एक प्रकार को चुने (नियम, विनियम, अनुदेश, निर्देशिका का अभिलेख अन्य)
अभिलेख का संक्षिप्त परिचय (प) अभिलेखागार प्रभाग के लेखा प्रशासन, स्थापना, लेखा-बजट, भंडार, अभिलेख
(पप) ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण (स्थायी प्रकृति) के संधारित अभिलेख (सूची संलग्न)
नियम, विनियम, अनुदेश, निर्देशित और अभिलेख की प्रति कहां से प्राप्त कर सकते है । मुखयालय (संचालनालय संस्कृति एवं पुरातत्व,महन्त घासीदास संग्रहालय, रायपुर छत्तीसगढ़)
नियम, विनियम, अनुदेश, निर्देशिका और अभिलेख की प्रति कहां से प्राप्त करने का शुल्क (यदि कोई हो) मुखयालय द्वारा उल्लेखित सूचना अनुसार

(मैनुअल-16)

विभाग द्वारा जनता को सूचना उपलब्ध कराने हेतु निम्न अधिकारी नियुक्त हैं,
जिनका विवरण निम्नानुसार है :-

क्र. नाम/पदनाम
अधिनियम अनुसार पद दूरभाष क्रमांक पूर्ण पता
1 श्री आर.सी. श्रीवास्तव आयुक्त अपीलीय अधिकारी (कार्यालय) 2537404, 2234731
(मोब.) 9425207337
एच.एन.-1, 32 बंगला, सेक्टर-8, भिलाई नगर, जिला-दुर्ग (छ.ग.)
2 श्री राहुल कुमार सिंह
जनसूचना अधिकारी (न्यायालयीन प्रकरण, पुरातत्व, समन्वय) (कार्यालय) 2537404, 2234731
(मोब.) 9425227484
(निवास) 0771-2113447
409, रॉयल एक्जॉटिका, टी.वी.टावर के पास, शंकरनगर, रायपुर(छ.ग.)
3 श्री एस.एस.सी. केरकट्‌टा जनसूचना अधिकारी
(संस्कृति एवं पुरातत्व)
(कार्यालय) 2537404,
2234731
(मोब.) 9826439500
मंगल फेब्रिकेद्गान के पास, न्यू गंगा विहार, अमलीडीह रायपुर(छ.ग.)
4 श्री जे.आर. भगत जनसूचना अधिकारी (संग्रहालय एवं ग्रंथालय) (कार्यालय) 2537404,
2234731
(मोब.) 9424285511
शासकीय आवासीय परिसर, कटोरा तालाब, रायपुर(छ.ग.)
5 श्री एस.बी. सतपाल जनसूचना अधिकारी (वित्त, आहरण संवितरण एवं अभिलेखागार) (कार्यालय) 2537404,
2234731
(मोब.) 9425503483
एच.-10,आर.डी.ए. कॉलोनी, टिकरापारा, रायपुर(छ.ग.)
6 सुश्री श्रद्धा थवाईत स्थापना (कार्यालय) 2537404,
2234731
(मोब.) 9424202798
एफ.-5, पंकज विक्रम अपार्टमेंट, राजेन्द्र नगर, रायपुर (छ.ग.)
      (आर.सी. श्रीवास्तव)
आयुक्त
संस्कृति एवं पुरातत्व

कृत्यों के निर्वहन के लिए स्थापित मानक/नियम


15.1 लोक प्राधिकरण द्वारा अपने विभिन्न क्रिया कलापों/कार्यक्रमों के संपादन हेतु प्रयोग किये जाने वाले मानक नियम -

राज्य स्तरीय समाचार पत्रों में विज्ञापन।

निर्माण कार्यों में लोक निर्माण विभाग के द्वारा प्रचलित सी.एस.आर. की दरें तथा कार्यप्रणाली के आधार पर निर्माण कार्य करवाये जाते है।

राज्य पुरस्कार हेतु शासन की सहमति से विधिवत विषय विशेषज्ञ जूरी का गठन तथा निर्णयों का पालन।

राज्य अतिथि के रूप में घोषित माननीय विशेषज्ञों को तदनुकूल सुविधाऍ - वाहन, यात्रा-व्यय, अतिथि-सत्कार आदि प्रदत्त करना।

राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित कलाकार, साहित्यकार एवं कला मर्मज्ञों को राज्य में आमंत्रित किये जाने पर तद्‌नुकूल सुविधाएं एवं मादेय का भुगतान लोकशिल्पियों तथ कलाकारों को राज्य के बाहर भेजने जाने की स्थिति में आवागमन, आवास, भोजन आदि की व्यवस्था एवं अन्य भत्तों का निर्धारिण मान्य दरों पर भुगतान।

इलेक्ट्रानिक रूप में उपलब्ध सूचनाऍ

16.1 विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों से संबंधित जानकारी प्रस्तुत करें जो कि इलेक्ट्रानिक फारमेट में हो -

विभाग द्वारा आयोजित कुछ कार्यक्रम जैसे राज्योत्सव, पावस प्रसंग, शास़्त्रीय कार्यक्रम, आकार, शिल्प मड़ई आदि के केसेट तैयार कर संधारित रखे गये हैं ।
सूचना प्राप्त करने के लिए नागरिकों को उपलब्ध सुविधाओं का विवरण

17.1 सूचनाओं को जनता तक पहुँचाने के लिए विभाग/संगठन द्वारा की गयी व्यवस्था का विवरण जैसे-
  • पुस्तकालय - नहीं ।
  • नुक्कड़/नाटक - नहीं ।
  • अखबारों के द्वारा - हॉ अखबारों में जानकारी तथा विज्ञापन प्रसारित किये जाते हैं
  • प्रदर्शनी - हॉं।
  • सूचना पटल - हॉं।
  • अभिलेखों का निरीक्षण - प्रारंभ की जावेगी ।
  • दस्तावेजों की प्रति प्राप्त करने की व्यवस्था - निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत आवेदक के द्वारा मांग की जाने पर संबंधित कार्यालय अथवा शाखा से प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन ओैर सहयोग प्रदान किया जावेगा।
  • उपलब्ध विभागीय मैनुअल - विभागीय मैनुअल के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है।
  • लोक प्राधिकरण का वेबसाईट - तैयार की जा रही है।
  • अन्य प्रचार-प्रसार के साधन - विभागीय कार्यक्रमों के अंतर्गत आयोजित प्रदर्शनी, संगोष्ठी, सेमीनार तथा ब्रोशर्स के माध्यम से समय-समय पर सामान्य जनता के लिए आयोजित कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार किया जाता है।

महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, रायपुर

रायपुर में संग्रहालय की स्थापना वर्तमान संग्रहालय का लोकार्पण खुलने का समय अवकाश प्रवेश शुल्क दीर्घाओं में प्रदर्शित पुरावशेषों की संख्या परिसर में प्रदर्शित कलाकृतियों की संख्या कैमरा शुक्ल
सन्‌
1875
सन्‌
1953
प्रातः 10 से
5 बजे
संध्या
प्रति सोमवार एवं सभी राजपत्रित अवकाश एक रूपये प्रति व्यक्ति 878 77 प्रति कैमरा 5 रूपय

जिला पुरातत्व संग्रहालय, जगदलपुर

जगलदपुर में संग्रहालय की
स्थापना
खुलने का समय साप्ताहिक अवकाश एवं सभी राजपत्रित अवकाश प्रवेश शुल्क दीर्धाओं की संख्या दीर्घा में प्रदर्शित पुरावशेषों की संख्या कैमरा/विडियों शुल्क संग्रहालय में संग्रहित पुरावशेषों की संख्या
सन्‌
1988
प्रातः 10 से
5 बजे
संध्या तक
प्रति सोमवार एवं राजपत्रित अवकाश   कुल-03 दीर्घा
रिजर्व
55 नग
138
प्रति कैमरा रू. 5/- 193 नग

जिला पुरातत्व संग्रहालय, बिलासपुर

बिलासपुर में संग्रहालय की
स्थापना
खुलने का समय साप्ताहिक अवकाश एवं सभी राजपत्रित अवकाश प्रवेश शुल्क दीर्धाओं की संख्या दीर्घा में प्रदर्शित पुरावशेषों की संख्या कैमरा/विडियों शुल्क
सन्‌ 1983 प्रातः 10 से
संध्या 5 बजे तक
प्रति सोमवार एवं सभी राजपत्रित उवकाश निःशुक्ल
कुल-03
हॉल
बरामदा
कार्यालय रिजर्व
55
16
88
24

 

प्रति कैमरा रू. 5/-

महन्त सर्वेश्वर दास सार्वजनिक ग्रंथालय रायपुर, छत्तीसगढ़

महन्त सर्वेश्वर दास में ग्रंथालय की
स्थापना
खुलने का समय अवकाश सदस्यता शुल्क आजीवन सदस्यता शुल्क संघारित ग्रंथ एवं पत्र पत्रिकाओं
की संखया
सन्‌ 1953 दोपहर 1 से शाम 7 बजे तक
प्रति सोमवार एवं राजपत्रित अवकाश रूपए 300/-
रूपए 1000/- सामान्य किताबें - 20,640
सन्दर्भ - 6143
ओ.एस.डी. ग्रन्थालय -1362
ओ.एस.डी. पत्रिकाएं -346
स्व. सुन्दरलाल त्रिपाठी, ग्रथालय - 857
सजिल पत्रिकाएं - 2140
दैनिक समाचार पत्र - 13
साप्ताहिक पत्रिकाएं - 7
पाक्षिक पत्रिकाएं - 14
मासिक पत्रिकाएं - 44
त्रैमासिक पत्रिकाएं - 7
टीप.
  1. ग्रंथालय में समाचार पत्र, पत्रिकाएं एवं अन्य पुस्तकें पढने हेतु सदस्यता की आवश्यकता नही हैं।
  2. सदर्भ पुस्तके ग्रंथालय में पढ़ने हेतु परिचय पत्र के माध्यम से पुस्तक प्राप्त की जा सकती हैं।
  Copyright © all rights reserved cgculture.in    Design by : SHUBH INFOTECH, RAIPUR