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बिलासपुर जिले से प्राप्त होने वाले पुरावशेष पूर्व में देश के विभिन्न
संग्रहालयों की शोभा बढ़ाते रहे हैं, मुख्यतः अंचल से प्राप्त सामग्री
नागपुर, रायपुर, जबलपुर और सागर विश्वविद्यालय 1संग्रहालय में एकत्र
की जाती रही । स्थानीय संग्रह के लिए आरंभ से परंपरानुसार जिलाध्यक्ष
निवास परिसर में पुरावशेष एकत्र किये गए । प्राचीन सांस्कृति धरोहर
के प्रति जन-सामान्य में अभिरुचि विकसित करने, उनकी सुरक्षा, जागरुकता-बोध
कराने एवं शोध-प्रवृत्ति में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दृष्टि
से संग्रहालयों की महत्वपूर्ण भूमिका निर्विवाद है । इन्ही उद्देश्यों
की पूर्ति के लिए जिला पुरातत्व संघ तथा स्थानीय प्रशासन के आरंभिक
प्रयास से क्षेत्र की सांस्कृतिक, शैक्षणिक विकास की दिशा में बिलासपुर
नगर में इसे आधारभूत आवश्यकता मानते हुए, विभाग के प्रस्ताव को मध्यप्रदेश
शासन संस्कृति विभाग द्वारा सन् 1976 में जिला पुरातत्व संग्रहालय
की स्थापना को सिद्धांत रुप में स्वीकार किया गया ।
बिलासपुर नगर में टाउन हाल के दाहिने पार्श्व में जिला प्रशासन द्वारा अस्थायी तौर पर भवन उपलब्ध करा दिये जाने से सन् 1981 में जिला पुरातत्व
संग्रहालय बिलासपुर स्थापित किया जाकर सन् 1983 में जन सामान्य के
अवलोकनार्थ आरंभ कर दिया गया । तत्पश्चात् 1984 में पदपूर्ति के संग्रहालय
की नियमित गतिविधियां आरंभ हो गई, और यह संग्रहालय नवगठित राज्य में
उत्तरोत्तर विकास कर रहा है । पुरातात्विक दृष्टि से समृद्ध बिलासपुर
जिले हेतु संग्रहालय की आगामी विकास योजनाओं में संग्रहालय हेतु भवन
व्यवस्था, वैज्ञानिक रीति से पुरावशेषों का प्रदर्शन तथा शैक्षणिक
शोध-प्रवृत्तियों को प्रोत्साहित कर जन-जागरण विकसित करना है और इस
दिशा में आवश्यक प्रयास किये जा रहे हैं ।
- संग्रहालय खुलने का समय – प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक
- साप्ताहिक अवकाश – प्रत्येक सोमवार,
- राजपत्रित अवकाश दिवसों पर बंद रहता है ।
- संग्रहालय में निःशुल्क प्रवेश व मार्गदर्शक सुविधा उपलब्ध है
।
सम्पर्क –
संग्रहाध्यक्ष,
जिला पुरातत्व संग्रहालय
संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग (छत्तीसगढ़ शासन)
बिलासपुर, फोन : 07752-236259
- जिला पुरातत्व संग्रहालय बिलासपुर वर्तमान में टाउन हाल के पास
में जनपद पंचायत भवन में संचालित है । यह संग्रहालय बाल भवन, सर्किट
हाउस, बिलासपुर में स्थापित किया जाना प्रस्तावित है जिसमें निर्मित
भवन के साथ 0.63 एकड़ भूमि सम्मिलित है
- संग्रहालय के उन्नयन, प्रदर्शन हेतु लोक निर्माण विभाग के माध्य
से तैयार कराया गया उन्नयन प्रस्ताव रुपये 32.91 लाख, प्रकाशन हेतु
रु. 2.00 लाख, संग्रहालय-ग्रंथालय के लिये रु. 5.00 लाख तथा संग्रहालय
हेतु आवश्यक अन्य उपकरण यथा- जनरेटर, कम्प्यूटर, क्लोज सर्किट टीवी,
फर्नीचर, अलार्म सिस्टम आदि हेतु रु. 10.00 लाख इस प्रकार कुल व्यय
(रु. 49.91 लाख) लगभग रु. 50.00 लाख राशि के प्रस्ताव संलग्न है
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